Tuesday, September 27, 2022

फरवरी नहीं बल्कि 22 सितम्बर को आता है World Rose Day! जानिये क्या है इतिहास…

World Rose Day: 22 सितम्बर को विश्व गुलाब दिवस मनाया जाता है। रोज़ डे का नाम सुनते ही वैलेंटाइन डे की याद आती है। लेकिन 22 सितंबर का 14 फरवरी से कोई लेना-देना नहीं है। 22 सितम्बर को मनाया जाने वाला रोज़ डे 12 वर्ष की मेलिंडा रोज की याद में मनाया जाता है।उसे आस्किन ट्यूमर नामक जानलेवा ब्‍लड कैंसर था। उस बहादुर लड़की को श्रद्धांजलि के साथ ही कैंसर पीड़ि‍तों की जिंदगी में आशा का संचार करने के लिए World Rose Day का आयोजन किया जाता है। गुलाब देकर यह संदेश दिया जाता है कि जिंदगी अभी बाकी है। हर साल कैंसर से जूझ रहे लोगों के जीवन में खुशियां लाने और जीवन का महत्व समझाने के लिए 22 सितंबर को वर्ल्ड रोज डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कैंसर पीड़ितों का दुख बांटना है।

क्या है इस दिन का इतिहास ?

विश्व रोज़ दिवस पहली बार कनाडा की 12 वर्षीय कैंसर रोगी मेलिंडा रोज़ के सम्मान में मनाया गया था, जिनकी 1996 में मृत्यु हो गई थी। रोज़ को 1994 में एस्किन ट्यूमर का पता चला था, जो रक्त कैंसर का एक दुर्लभ रूप है। रोज़ की डायग्नोसिस होने के बाद, डॉक्टर ने कहा कि वह केवल 2 हफ्ते और जी सकती है। जिसके बाद रोज ने कैंसर को हराने की उम्मीद नहीं छोड़ी और कई लोगों के जीवन को प्रेरित किया। उन्होंने कैंसर रोगियों के जीवन में आशा और सकारात्मकता फैलाकर अपने शेष जीवन के प्रत्येक दिन को सार्थक बना दिया। जिसके बाद इस सकारात्मक सोच के चलते वह 2 हफ्ते की जगह 6 महीने तक जिंदा रहीं।

World Rose Day

World Rose Day का महत्त्व!

वर्ल्ड रोज डे कैंसर रोगियों को समर्पित है जिन्होंने इस जानलेवा बीमारी से बहादुरी से लड़ाई लड़ी। वर्ल्ड रोज डे मनाकर उनके जीवन में खुशी लाने का एक प्रतीक है। विश्व गुलाब दिवस पर लोग कैंसर रोगियों को गुलाब देते हैं। यह दिन कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने और उनमें से ज्यादातर को ठीक करने में कैसे मदद करता है, इसके बारे में जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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