आपकी बेटी ही सबसे बड़ी दहेज है, कह के दूल्हे ने 4 करोड़ का दहेज ठुकराया, लिया सिर्फ 1₹

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दहेज़ एक ऐसी प्रथा थी जिसमे लड़की के परिवार वाले अपनी इच्छा के अनुसार अपनी बेटी को शादी के मौके पर कुछ उपहार साथ देते थे. लेकिन यह प्रथा कुप्रथा तब बनी जब लड़के वालों ने दहेज़ को रिश्वत की भांति लेना शुरू किया.

अगर शादी करनी है तो कार, मोटरसाइकिल, गहने, ज़ायदाद भी साथ में दीजिये नहीं तो शादी तोड़ देंगे. ऐसे में बहुत सारी लड़कियों ओर उनके परिवार वालों की जिंदगियां बर्बाद हुई. सरकार ने इसके लिए कानून भी बनाये जिसकी वजह से अब इन मामलों में बहुत हद तक कमी आयी है.

लेकिन जब भी ऐसी खबर आती है तो मीडिया उसको बहुत उछालता है ओर टीआरपी बटोरता है, लेकिन सोचने वाली बात है की क्या देश में सब बुरा ही होता है. एक दिन में हजारों शादियां होती है क्या किसी में भी ऐसी घटना नहीं होती जो दूसरों के लिए मिसाल बन जाये. सच तो यह है की ऐसा भी होता है लेकिन मीडिया को उसकी टीआरपी नहीं मिलती इसलिए वो नहीं दिखाते.

आज हम ऐसा ही एक मामला लेकर आये हैं, जिसमे दूल्हा और उन परिवारों के लिए मिसाल है जो अपनी बहु को दहेज़ देने वाली एटीएम मशीन समझते हैं. यह शादी हरियाणा के सिरसा स्थित आदमपुर इलाके के बलेंद्र की शादी कांता से हुई.

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रिश्ते होने के दौरान जब लड़के को पता चला की उसके ससुराल वाले अपनी बेटी के साथ 4 करोड़ रूपए की राशि के बराबर गहने, कार, ज़ायदाद और कुछ धनराशि देने वाले है तो लड़के ने सबसे पहली शर्त रखी शादी तभी होगी जब आप इसे साधारण रूप से करेंगे अगर आप शादी में कुछ देना ही चाहते है तो हमें एक रूपए के साथ अपना आशीर्वाद दीजिये. लड़की और उसके घर वाले इस बात को मान गए, लड़का बिना ढोल बाजे और फ़िज़ूल खर्ची के कुछ रिश्तेदारों के साथ लड़की के घर गया.

शगुन के रूप में उसने अपने ससुराल वालों ने एक नारियल ओर मात्र एक रूपए की भेंट ली, जिसके बाद विवाह संपन्न हुआ और दूल्हा दुल्हन अपने घर आ गए. इसके बाद आस पास के इलाके में खबर फ़ैल गयी पता चला की दूल्हा चूलीखुर्द गांव का है और दूल्हे के पिताजी का नाम छोटू राम खोखर और माताजी का नाम संतोष है.

गाँव वालों का कहना है की बलेंद्र बहुत ही समझदार है और उसके घर वाले भी दिखावे में विश्वास नहीं करते. बलेंद्र उन सभी लड़कों के लिए मिसाल है जो दहेज़ के लिए शादी करते है. बलेंद्र की सादगी देखकर गाँव के बहुत लोग खुश है, बलेंद्र और उसकी पत्नी कांता की जोड़ी इस गाँव ही नहीं बल्कि देश के लिए एक मिसाल है.