साधु संतों की अपील,5 एकड़ जमीन पर अयोध्या में म-स्जिद के जगह,स्कूल या अस्पताल बनाए …

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अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir, Ayodhya) निर्माण के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन होने जा रहा है! इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है! सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है! जिसके चलते एक ट्रस्ट का ऐलान किया गया है! बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी ने बताया है कि इस ट्रस्ट का नाम इंडो इस्ला-मिक कल्चर फाउंडेशन (Indo Islamic Cultural Foundation) रखा गया है! बता दें कि इस ट्रस्ट के तहत जमीन पर म-स्जिद और आम लोगों के लिए अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा! इसको अयोध्या के संत भी गलत नहीं मानते क्योंकि वह कहते हैं कि जो जमीन उनको दी गई है वह उस पर जो चाहे वह बनवाएं!

लेकिन वही राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि उनकी जमीन जो उनको दी गई है उनका मन है जो चाहे वह बनवाए लेकिन बाबर के नाम पर म-स्जिद का निर्माण नहीं हो सकता अगर ऐसा होता है तो इसका पूरी ताकत के साथ विरोध किया जाएगा!

इसके अलावा तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास का कहना है कि बाबर के नाम पर म-स्जिद पूरे देश में नहीं हैं और दान की भूमि पर तो म-स्जिद नहीं बन सकती, उस पर की गई इबादत मंजूर नहीं होगी! जिसके चलते उन्होंने राय दी है कि वहां पर अस्पताल विद्यालय खोलें और अगर ऐसा होता है तो उन्होंने सबसे पहले सवा लाख रुपए का डोनेशन भी देने का ऐलान कर दिया!

संत परमहंश कहते हैं कि दान में दी गई जमीन पर म-स्जिद का निर्माण नहीं हो सकता और यह जमीन उनको सरकार से मिली है उन्होंने खरीदी नहीं है! इसलिए अगर उस स्थान पर म-स्जिद का निर्माण होता है तो वहां नमाज इस्ला-मिक धर्म के अनुसार कबूल नहीं होगी इसलिए ट्रस्ट को चाहिए कि वहां पर विद्यालय या अस्पताल का निर्माण कराएं और अगर ऐसा होता है तो सभी संत मिलकर सहयोग करेंगे और वह खुद अपनी तरफ से सबसे पहले सवा लाख रुपए का एलान करते हैं जो कि उसको दिए जाएंगे!