इंदिरा ने आपातकाल अपनी कुर्सी बचाने के लिए लगाया था,वहीं PM मोदी ने देश को बचाने लगाया : सिंधिया

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भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश के प्रधानमंत्री द्वारा लॉकडाउन लगाने के निर्णय को साहस पूर्ण बताते हुए शुक्रवार को कहा है कि देश में एक दल ने अपनी सत्ता को कायम रखने के लिए आपातकाल लगाया था लेकिन जबकि दूसरे ने लोगों की जान बचाने के लिए लॉकडाउन लगाया है!

मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार के 100 दिन पूरे हो चुके हैं! जिस के उपलक्ष पर शुक्रवार को डिजिटल रैली को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा “एक दल ने सत्ता को कायम रखने के लिये देश में आपातकाल कायम किया और दूसरे ने लोगों की जान बचाने के लिये लॉकडाउन का निवेदन किया और लोगों ने अपने प्रधानसेवक की अपील को शिरोधार्य कर स्वीकार किया!”

कॉलेज छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना है कि “मैंने कांग्रेस में रहकर भी सदैव सत्य का साथ दिया और हमेशा आपातकाल का विरोध किया है! क्योंकि जो सही है वह सही है और जो गलत है वो गलत है!” ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आगे कहा कि “कई लोग पूछ रहे हैं कि लॉकडाउन से क्या हुआ! मैं उन लोगों को उत्तर देना चाहता हूं कि अगर मेरे प्रधानमंत्री ने देश में लॉकडाउन का आह्वान नहीं किया होता तो इस देश में भी दूसरे देशों की तरह मौतों की संख्या काफी अधिक होती! इस देश में उन्होंने हजारों, लाखों लोगों की जान बचाई है, लॉकडाउन आरंभ करके!”

सिंधिया का कहना है कि किसी ने सोचा नहीं था कि इस महामारी के प्रकोप की क्या स्थिति पूरे विश्व में उत्पन्न होगी! इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने दूरदर्शिता और संतों के साथ सही निर्णय लेने का साहस दिखाया! दुनिया में कई देश इस महामारी से डर रहे थे कि आखिरकार इसका सामना कैसे किया जाए तब देश के प्रधानमंत्री ने देश की जनता से लॉकडाउन का निवेदन किया!

सिंधिया का कहना है कि “‘जब भारत में लॉकडाउन शुरु हुआ तो न तो पीपीई किट थी और न ही इस बीमारी से बचने का कोई साधन था। ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज पांच लाख किट रोज़ बन रहे हैं और एक हजार कोरोना अस्पताल देश में तैयार हैं!” इसके साथ ही सिंधिया ने कोरोनावायरस इन के साथ टकराव की स्थिति में प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व में संवेदनशीलता और साहस के पहलुओं का जिक्र करते हुए कहा है कि जहां हम कोरोनावायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए तैयार हुए वहीं दूसरी और प्रधानमंत्री और जवानों ने चीन को ठोस जवाब भी दिया!

उन्होंने कहा कि आज न केवल हमारे प्रधानमंत्री कार्यालय में, बल्कि लेह पहुंचकर हम सैनिकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं! कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सिंधिया ने कहा कि जब चीन की बात हो या इस महामारी का संकट हो, तो यह राजनीति करने का समय नहीं है क्योंकि यह धर्म या राजनीति का मुद्दा नहीं है, यह के मुद्दा है देश की जनता का! यह आपका और हमारा जीवन मृत्यु का विषय है! इन मुद्दों पर देश को एक साथ होना होगा!

महामारी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री चौहान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक गंभीर संकट में तेजी से काम किया! प्रधानमंत्री मोदी ने देश के गरीब लोगों के लिए सरकार का खजाना खोल दिया! उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल ’का नारा देकर देश को आत्मनिर्भर बनाने का मंत्र दिया है! इसी समय, कांग्रेसी इस संकट में सरकार का समर्थन करने के बजाय सवाल कर रही थी!

उन्होंने मध्य प्रदेश की पिछली कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें केवल अपनी कुर्सी की चिंता थी, लेकिन मुख्यमंत्री चौहान ने अकेले ही राज्य के लोगों की देखभाल की और कोरोना संकट में उन्होंने 20 घंटे तक राज्य के लिए काम किया! कोरोना वायरस की शुरुआत को रोकने के लिए किए गए उपायों पर राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए, सिंधिया ने कहा, “मैं उनसे (पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ) पूछना चाहता हूं कि आपने कोरोना के बारे में क्या किया है? आपकी व्यस्तता सिर्फ ट्रांसफर उद्योग की बहाली थी!” मार्च में कई लोगों को नियुक्त किया, उनके पास आईफा को देने के लिए पैसे थे लेकिन उनके पास कोरोना के लिए कुछ भी नहीं था!”