Thursday, December 8, 2022

Azam Khan से छिना वोट देने का अधिकार! मतदाता सूची से हटा दिया गया नाम…

Azam Khan Samajwadi Party के वरिष्ठ नेता हैं। हाल ही में उन्हें निर्वाचन आयोग से बड़ा झटका लगा है। आजम खान की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले कोर्ट ने विधायकी रद्द की इसके कुछ दिन बाद उनके वोटिंग का अधिकार भी छीन लिया गया। दरअसल, रामपुर से बीजेपी प्रत्याशी आकाश सक्सेना (Akash Saxena) ने आजम की वोटिंग राइट समाप्त करने की मांग की थी। इसके बाद इलेक्शन रजिस्ट्रेशन अधिकारी ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के चैप्टर 4 में दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए आजम का वोटिंग अधिकार रद्द कर दिया था।


जानिये जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के बारे में!

देश में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए संविधान के अनुच्छेद 324-329 में संसद को ये अधिकार देता है कि वो चुनाव प्रक्रिया को रेगुलेट करने के लिए कानून बना सकती है। चुनाव आयोग (Election Commisssion of India) देश में चुनाव कराने की संस्था है। इसी क्रम में संसद ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) 1950 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 को बनाया था। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत वैसे लोग जिनका अपने क्षेत्र में वोटिंग रोल में नाम है वो वोट करने के अधिकारी होते हैं।लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के 43वें सेक्शन के अनुसार, ऐसे शख्स जिसको अयोग्य ठहराया गया हो, वह वोट नहीं डाल सकता है। ऐसा कोई भी व्यक्ति वोट नहीं डाल सकता है कि जिसे सजा दी गई हो। या फिर पुलिस की कस्टडी में हो।

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Azam Khan

Azam Khan पर लगा है ये सेक्शन!

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 का सेक्शन 4 भ्रष्ट आचरण और दोषी घोषित होने से जुड़ा है। इसी सेक्शन के तहत आजम खान को वोटिंग के अधिकार से वंचित किया गया है। इस सेक्शन के तहत अगर कोई शख्स किसी अपराध का दोषी ठहराया गया हो तो दोषी साबित होने की तारीश से या फिर जिस दिन ये आदेश प्रभावी होता है, उस दिन से अगले 6 साल के लिए किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में मत नहीं दे पाएगा। यानी उसके वोटिंग पर प्रतिबंध लग जाएगा।

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