देखें वीडयो:- जहां हैदराबाद के एनकाउंटर पे पूरा देश खुश है, वहीं रविश कुमार रुदाली कर रहे हैं

0
273
ravish-kumar-prime-time-on-hyderabad-encounter-1
Pic Credit - Google Images
hyderabad-4-accused-have-been-killed-in-an-encounter-2
Pic Credit – Google Images

क्या आप जानते हैं? एनडीटीवी के जाने माने पत्रकार का भाई कौन हैं? अगर नहीं तो आपको बता दें ब्रजेश पांडेय जी हाँ वही बृजेश पांडेय जो पूर्व मंत्री की बेटी के यौन शोषण मामले में कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया और फिलहाल भी जेल में सज़ा काट रहें हैं.

यह बात बतानी इसलिए भी जरूरी है ताकि आप समझ सके हैदराबाद के बलात्कारियों और हत्यारों के लिए रविश कुमार इतना दुखी क्यों हैं. रविश कुमार वो पत्रकार हैं जो खुद को निक्ष्पक्ष पत्रकार मानते हैं. अगर सच में निक्ष्पक्षता हैं तो आज तक अपने भाई के बारे में एक न्यूज़ तो छोड़िए हैडलाइन तक क्यों नहीं चलाई.

वहीं हैदराबाद के हत्यारों और बलात्कारियों के लिए एक पूरा शो चला दिया. इस पुरे शो में उन्होंने पुलिस को जमकर लताड़ा. कोर्ट के फैसले से पहले सब पुलिस वालों को दोषी साबित कर दिया. इसके पीछे का कारण यह भी हो सकता है की जिन बलात्कारियों और हत्यारों के जिन्दा रहने पर पल-पल की खबर (क्या खाया, क्या पिया, कहा सोये, कब सोये, आदि) के साथ सरकार को घेरते हुए जो टीआरपी चैनल को मिलने अब वो एक से दो दिन से ज्यादा नहीं चलेगी.

रविश कुमार कहते है की, जो कहानी पुलिस बता रही है वो तो अब फिल्मों में भी नहीं दिखाई जाती. अगर एनकाउंटर हुआ था तो पुलिस ने सुबह होने तक लाशों को जैसे का तैसे क्यों पड़ा रहने दिया.

रविश कुमार आगे कहते है की, जब अपराधियों ने गोलियां चलाई तो पुलिस वालों को लगी क्यों नहीं. इसके दो मतलब हो सकते है या तो रविश कुमार चाहते थे कोई पुलिस वाला भी इस बीच शहीद होता या फिर वो अपराधियों को खुद बन्दूक से निशाना लगाने की ट्रेनिंग देकर आए थे.

आपको बता दो पुलिस वाले घायल हैं. एक के सर पर पत्थर लगा है, एक की बाजू में गंभीर चोट हैं. रविश कुमार ने इसी के साथ देश भर में हुए फेक एनकाउंटर की भी जानकारी दी. लेकिन यह जानकारी देना भूल गए जिस आतंकवादी इसरत जहां के एनकाउंटर पर घंटों डिबेट चलाये थे की फेक हैं, वो बाद में असली एनकाउंटर साबित हुआ था.

रविश कुमार इतने भावुक हो गए थे अपने कार्यक्रम में की मानों अगर वो पुलिस वाले खुद इनके सामने आ जाते और यह किसी अदालत में जज होते तो अब तक फांसी की सज़ा सुना चुके होते. कल तक हैदराबाद की प्रियंका रेड्डी के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा की मांग करने वाले रविश कुमार आज अपराधियों के लिए इतना दुःख और पुलिस के ब्यानों पर शक करने की वजह क्या रही होगी यह तो खैर उनके समर्थक ही बता सकते हैं.

लेकिन सवाल यह भी है, अगर भगवान न करें प्रियंका रेड्डी इनकी अपने परिवार में किसी की बेटी होती तो भी यह ऐसे ही पुलिस वालों पर सवाल उठाते? न्याय के लिए अगले जन्म तक कोर्ट के चक्कर लगाते?