देखें वीडियो:- गंगा घाट का निरक्षण करने के दौरान बाल-बाल बचे PM मोदी

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Pic Credit - Google Images
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नमामि गंगे प्रोजेक्ट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी के साथ माँ गंगा का निरिक्षण करने के लिए लगभग 30 मिनट के सफर के दौरान अटल घाट से मोटर बोट जरिए सफाई अभियान का जायज़ा लिया.

आपको बता दें की आज शनिवार सुबह 10.30 बजे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर पहुँच गए थे. सबसे पहले उनका प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्वागत किया. उसके बाद वह हेलीकॉप्टर से सीएसए कॉलेज गए, जहां उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और फिर नमामि गंगे प्रोजेक्ट की मीटिंग में शामिल हुए.

शायद आपको पता न हो लेकिन कानपुर के सीएसए में गंगा परिषद (राष्ट्रीय गंगा परिषद) के राष्ट्रीय कायाकल्प, संरक्षण और प्रबंधन यह पहली बैठक थी, जिसकी अध्यक्षता खुद नरेंद्र मोदी जी ने की थी. यह पूरी बैठक चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय परिसर में हुई थी, वैसे तो इस बैठक का समय 1 बजकर 5 मिनट पर निर्धारित किया गया था लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर आगे किया गया.

यह बैठक आम बैठकों से बहुत ज्यादा ख़ास थी, जिसका कारण था की इस बैठक में दो राज्यों के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और त्रिवेंद्र सिंह रावत शामिल हुए इनके इलावा बिहार, यूपी के उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अलावा गंगा किनारे स्थित सभी पांच राज्यों के कई मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र सहित 40 से अधिक प्रमुख लोग इस बैठक में शामिल हुए थे.

इस बैठक में इस बात को लेकर मंथन किया गया है की, राज्य सरकार अब गंगा के किनारों सुंदीकरण किस प्रकार से कर सकती है. अभी तक जितने भी बड़े नाले थे उन्हें गंगा में गिरने से रोकते हुए उनकी दिशा को मोड़ दिया गया हैं. लेकिन भविष्य में दुबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए सरकार क्या कदम उठाएगी. फैक्टरियों से निकलने वाले जहरीले पदार्थ को गंगा में बहने से रोकने में अभी तो कामयाबी मिल गयी है लेकिन भविष्य के लिए कौनसे कानून बनाये जाएंगे. इन सब पर आज इस बैठक में चर्चा हुई हैं.

लेकिन इस बैठक के बाद एक ऐसा हादसा भी हुआ जिसपर पुरे देश और मीडिया की नज़रे जा ठहरी, वो हादसा था जब घाट की सीढ़िया चढ़ते हुए नरेंद्र मोदी जी का पाँव फिसल गया और वह गिरते हुए बाल-बाल बच गए. हालाँकि डॉक्टर्स ने बाद में पुष्टि की है की उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई.