Thursday, December 8, 2022

Patanjali की इन दवाओं पर Uttarakhand सरकार ने लगाया बैन! विज्ञापन भी नहीं चल सकेंगे…

Patanjali देश में अपने आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए जानी जाती है। लेकिन इस कंपनी की दवाओं को लेकर एक नया मामला सामने आया है। यह कंपनी 2006 में शुरू की गयी थी। इस कंपनी के मालिक आचार्य बालकृष्ण हैं। और इस कंपनी के स्टार प्रचारक है बाबा रामदेव। भारत में आयुर्वेदिक तत्वों से बनी सामग्रियों के बड़े स्तर पर उपयोग की शुरुआत पतंजलि द्वारा ही की गयी थी। हालाँकि इसकी गुणवत्ता पर कई तरह के सवाल भी उठे है। ऐसा ही कुछ हाल में हुआ है। इस बार पतंजलि की दवाइयों को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। आइये जानते है पूरा मामला।


उत्तराखण्ड सरकार ने दवाओं पर लगाया बैन!

आपको बता दें की भ्रामक विज्ञापनों का हवाला देते हुए आयुर्वेद और यूनानी लाइसेंस अथॉरिटी, उत्तराखंड ने पतंजलि के उत्पाद बनाने वाली दिव्य फार्मेसी को पांच दवाओं के उत्पादन पर रोक लगाने को कहा है। इसके विरोध में योग गुरु बाबा रामदेव ने एक ‘आयुर्वेद विरोधी ड्रग माफिया’ पर साजिश करने का आरोप लगाया है। कंपनी ने कहा कि उसे अखबारों में छपी रिपोर्ट में दिए गए आदेश की कॉपी नहीं मिली है, लेकिन इसमें ‘आयुर्वेद विरोधी ड्रग माफिया की संलिप्तता स्पष्ट है।’

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Patanjali
Patanjali की इन 5 दवाओं पर लगी रोक!

एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के देहरादून में आयुर्वेद और यूनानी लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने दिव्य फार्मेसी को मधुग्रित, आईग्रिट, थायरोग्रिट, बीपीग्रिट और लिपिडोम का उत्पादन बंद करने का निर्देश दिया है। आदेश डॉ जीसीएस जंगपांगी, लाइसेंस अधिकारी, उत्तराखंड आयुर्वेदिक और यूनानी सेवा द्वारा जारी किया गया था और पतंजलि पर भ्रामक विज्ञापनों का आरोप लगाया था। केरल के नेत्र रोग विशेषज्ञ केवी बाबू द्वारा जुलाई में दायर एक शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। केवी बाबू ने 11 अक्टूबर को ईमेल के जरिए राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण (एसएलए) को एक और शिकायत भेजी थी।

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