इमरान का खेल खत्म ? पाक टेलीविजन और सूचना मंत्रालय पर पाकिस्तानी फौज ने किया कब्जा..

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पाकिस्तान की सरकारी सूचना प्रणाली यानी सूचना और प्रसारण मंत्रालय और पाकिस्तान टेलीविजन पर सेना ने कब्जा कर लिया है। इसका सीधा सा मतलब है कि पाकिस्तान के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वही लिखा और दिखाया जाएगा, जिस पर पाकिस्तान सेना की मुहर होगी।

पाकिस्तान के विदेश और वित्त मंत्रालय के सभी निर्णय पहले ही सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा की इच्छा से किए गए थे। चाहे वह कोरोना लॉकडाउन हो या पाकिस्तान में लॉ एंड ऑर्डर, सब कुछ जनरल बाजवा की इच्छा के अनुसार चल रहा है।

कहने का मतलब यह है कि पाकिस्तान में इमरान खान के हाथों से सत्ता बहुत तेजी से फिसल रही है। जिस सेना ने अपनी उंगली पकड़कर इमरान को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुँचाया, वह अब ‘किक’ मारकर सत्ता से बाहर भेजने वाला है। इमरान खान भी अपनी अज्ञानता को देखना शुरू कर रहे हैं, इसलिए अब उन्होंने आम जनता के पक्ष और सेना के खिलाफ बयान देना शुरू कर दिया है।

पाकिस्तान के लोगों को नेताओं की तुलना में सेना पर अधिक भरोसा है। यही कारण है कि फिरदौस पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रमुख असीम बाजवा को आशिक एवान की जगह सौंपने और पाकिस्तान टेलीविजन के महानिदेशक के रूप में जनरल आसिफ गफूर को नियुक्त करने के बावजूद पाकिस्तान में किसी के कानों में जूं नहीं रेंगा। बल्कि, लोग खुश हैं कि सेना प्रमुख क़मर जावेद बाजवा ने इमरान खान की मुस्कान को कस दिया है।

अब प्रधानमंत्री कार्यालय से मीडिया में वही बयान जारी किया जाएगा, जिस पर सेना की मुहर लगेगी। यानी पाकिस्तानी सेना ने इमरान खान का मुंह बंद कर दिया है। यह देखा जाना बाकी है जब वह इमरान खान को हथकड़ी पहने जेल की कोठरी में डालती है।

कहा जा रहा है कि इमरान खान पर चीनी और गेहूं का घोटाला होना तय है। क्योंकि इन दोनों घोटालों में इमरान खान के करीबी लोग ही फंसे हैं। अगर वे लोग जेल जाते हैं, तो इमरान को बचाने वाला कोई नहीं है। इस सारे घटनाक्रम के बीच, पाकिस्तान में यह भी अफवाह है कि पाकिस्तान की सेना पाकिस्तान क्रिकेट टीम के एक और पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को इमरान खान के विकल्प के रूप में पेश कर सकती है।

शाहिद अफरीदी की गतिविधियां पाकिस्तान के राजनीतिक हलकों और आम जनता के बीच बढ़ी हैं। खास बात यह है कि जब भी शाहिद अफरीदी सार्वजनिक सभा को संबोधित करने जाते हैं, तो उनके संरक्षण में पाकिस्तानी सेना के विशेष कमांडो होते हैं।