Tuesday, September 27, 2022

मालिक के निधन पर बैल ने लगाई परिक्रमा

कहा जाता है जानवरों से ज्यादा वफादार कोई नहीं होता. इंसान और जानवरों के बीच आपसी प्रेम की कई कहानी हम सबने सुनी है, और कई बार हमने ये भी देखा है कि कैसे इंसान जानवर से बिछड़ते हुए रोता बिलखता है. इंसान और जानवर के बीच एक अलग प्रकार का प्रेम होता है. इंसान और जानवर के बीच प्रेम की एक ऐसी ही घट ना झारखंड से सामने आई है.

झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के पपरो में शनिवार को एक ऐसी घट ना घटित हुई, जिसे देख और सुनकर अब हर कोई इसकी चर्चा कर रहा है. दरअसल, अपने मालिक की निधन पर एक बछड़े ने श्मशान घाट आकर केवल रोया ही नहीं, बल्कि चिता पर रखे श व का पांच बार ग्रामीण और परिवारवालों के साथ परिक्रमा भी किया.

ये पूरा मामला ग्राम पपरो का है, जहां मेवालाल ठाकुर की मौ त हो गई थी, जिसके पास एक गाय थी. गाय ने एक बछड़ा दिया था. उसने बछड़ा को 3 महीने पहले दूसरे गांव के एक किसान को बेच दिया. जब मेवालाल ठाकुर की मौ त हो गई तो वह बछड़ा गांव पहुंच गया और रोने लगा. यही नहीं उसके अर्थी पर रखे श व के माथे और पैर को भी चूमा. वह तब तक वहां से नहीं हटा जब तक उसका पाथिर्व शरीर पंचतत्व में विलीन नहीं हुआ.

मालिक के निधन के बाद श्मशान में पहुंचे बछड़े को श व के पास आकर रंभाता देख लोगों ने पहले इसे हल्के में लिया. फिर भगाने की कोशिश की। लेकिन उनकी आंखे तब फटी की फटी रह गई जब बछड़ा बार-बार श व के आस आने लगा. वृद्धों के कहने पर जब उसे शव के पास जाने दिया गया तो वह ढके मुंह को हटाकर चुमा और फिर पैर को चूमकर रंभाने लगा. यह दृश्य देखकर हर एक की आंखे नम हो गईं और उसे लोगों ने नि:संतान मृ तक मेवालाल का पुत्र की संज्ञा देकर दाह संस्कार में शामिल भी कराया. यह पूरी घट ना लोागों ने अपने कैमरे में कैद किया.

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