वित्त मंत्री ने दीया 20 करोड़ लाख का लेखा जोखा,जिसकी तनख्वाह 15 हजार से कम,उसके लिए….

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कोरोना वायरस के चलते कल रात 8:00 बजे फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया था! जिसके अंदर 20 लाख करोड़ के पैकेज के बारे में बातें की थी! आज वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा दिए गए पैकेज के बारे में विस्तार से बताया! वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर और निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से इस पैकेज के बारे में जानकारी देते हुए लघु एवं कुटीर उद्योगों को लेकर राहत भरी घोषणा की है! इसके साथ साथ परियों के ईपीएफ योगदान और टीडीएस में भी बड़ी राहत का ऐलान किया है!

जिसकी तनख्वाह 15 हजार से कम –

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का बंडल खोला। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लिए एक रोडमैप बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि ईपीएफ के लिए दी जाने वाली सहायता को अगले तीन महीनों के लिए बढ़ाया जा रहा है, जिसे पहले मार्च, अप्रैल, मई तक बढ़ाया गया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जून, जुलाई और अगस्त में सरकार 15000 से कम वेतन पर ईपीएफ (वेतन का 24%) जमा करेगी।

तो आइए जानते हैं वित्त मंत्री ने क्या क्या घोषणाएं की है-

MSME को लेकर 6 कदम उठाए जा रहे हैं, MSME को 3 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा! यह 31 अक्टूबर से मिलेगा!

100 करोड़ वाली MSME यूनिट को को लोन में राहत मिलेगी!

300000 करोड़ रुपए तक का लोन वह भी बिना गारंटी के!

45 लाख MSME को इससे फायदा होगा!

1 साल तक कोई मूलधन नहीं चुकाना होगा!

एनपीए वाले MSME को भी लोन मिलेगा!

विस्तार करने वाले MSME को 50000 करोड़ और तनाव करने वाले MSME को 20,000 करोड़!

लाभ के लिए MSME की परिभाषा में बदलाव। 50 करोड़ के टर्नओवर वाली इकाई को MSME माना जाएगा। 10 करोड़ के निवेश को लघु उद्योग माना जाएगा। 1 करोड़ निवेश, 5 करोड़ टर्नओवर यूनिट को सूक्ष्म उद्योग माना जाएगा।

विदेशियों के बजाय घर की कंपनियों में काम करें। 200 करोड़ रुपये तक का सरकारी टेंडर, ग्लोबल टेंडर नहीं

15000 से कम वेतन वालों का ईपीएफ अगस्त तक सरकार देगी!

अगले तीन महीनों में कर्मचारियों के लिए 10% ईपीएफ का योगदान। लेकिन सरकारी कर्मचारियों के लिए यह 12% ही रहेगा।

ईपीएफ में 72 लाख कर्मचारियों को राहत!

एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की योजना।

बिजली वितरण कंपनियों के लिए 90 हजार करोड़ रुपये।

सरकारी ठेकेदारों को 6 महीने का एक्सटेंशन दिया जाएगा।

टीडीएस में 25 फीसदी की कमी, टैक्स में 100 रुपए देने पर अब 75 रुपए चुकाने होंगे। 50 हजार करोड़ रुपये का फायदा जनता को।

ITR भरने की तारीख 30 नवंबर 2020 तक बढ़ाई जाएगी। टैक्स ऑडिशन को भी 31 अक्टूबर तक बढ़ाया जाएगा।