Thursday, December 8, 2022

Maharashtra: इस गांव के लोग रोज शाम डेढ़ घण्टे अपने मोबाइल, TV को कर देते हैं बंद, कारण जान चौंक जाएंगे आप..

डिजिटल दौर में आजकल बिना मोबाइल इंटरनेट के कोई भी काम मुश्किल है। मोबाइल की सुविधा की वजह से घंटो का काम अब चंद मिनट में हो जाता है। लेकिन फायदे होने के साथ साथ इसके कई दुष्प्रभाव भी है। सोशल मीडिया के इस ज़माने में लोग घंटो अपने मोबाइल फ़ोन पर लगे रहते हैं। ऐसे में लोग अपने घर परिवार और सगे सम्बन्धियों से काफी दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में अब Maharashtra के एक गाँव में लोगों की इस आदत को सुधारने के लिए एक अनोखा उपाय ढूंढ निकाला है।

Maharashtra

सायरन बजते ही हो जाते है फ़ोन- टीवी बंद !

Maharashtra में सांगली के मोहित्यांचे वडगांव नाम के गांव से एक मज़ेदार किस्सा सामने आया है। इस गांव में हर शाम 7 बजे मंदिर में एक सायरन बसता है। जिसके बाद गांव के सभी लोग अपने मोबाइल, टीवी और सभी गैजेट्स बंद कर लेते हैं। सायरन बजने के बाद स्कूली बच्चे अपनी किताबों से पढ़ाई करते हैं तो वहीं दूसरे लोग बातें करते हैं। दूसरा सायरन बजने तक यह प्रक्रिया जारी रहती है। लोग एक दूसरे के साथ आमने-सामने बैठ कर बातें करते हैं। रात 8.30 बजे दूसरा अलार्म बजने के बाद लोग फिर से अपने माबाइल और टीवी को ऑन कर लेते हैं।

Maharashtra के इस गाँव की अनूठी पहल !

डिजिटल दुनिया के गलत प्रभाव से बचने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है। इस गांव के लोग डेढ़ घंटे के लिए अपने मोबाइल, टीवी और दूसरे गैजेट्स को बंद कर लेते हैं। मोहित्यांचे वडगांव नाम के इस गांव में 3,105 लोग रहते हैं। यह रूटीन रविवार को भी फॉलो किया जाता है। इसकी निगरानी के लिए एक वार्ड-वार कमेटी बनाई गई है। गांव के सरपंच विजय मोहित ने मोबाइल और टीवी बंद करने का प्रस्ताव रखा। इस खास मुहिम से लोग लगातार जुड़ रहे है।

बच्चे हो गए थे आलसी !

सरपंच मोहिते ने एक इंटरव्यू के दौरान बनाया कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन में ऑनलाइन क्लास होने के चलते बच्चों के पास फोन आ गया। वहीं माता-पिता देर तक टीवी देखने लगे। दोबारा स्कूल शुरू होने पर टीचर्स को लगा कि बच्चे आलसी हो गए हैं। इसके बाद डिजिटल डिटॉक्स का विचार आया।

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