नागरिकता संशोधन बिल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस ब्यान से सभी राजनितिक पंडित हैरान

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ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश में जाने माने चेहरा हैं, राहुल गाँधी के अच्छे दोस्त माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया एक वक़्त पर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार थे. लेकिन अंत में मुख्यमंत्री पद 1984 दंगों में कथित दोषियों में से एक कमलनाथ को मिला.

ऐसे में जब मध्यप्रदेश के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हुआ तो उसमे ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी सीट से हार गए, उसके बाद कई बार ख़बरें आई ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में आ सकते हैं. कई बार उन्होंने अपने विरोधी तेवर भी दिखाए, कई बार खुलकर सोशल मीडिया पर अपनी सरकार की आलोचना भी की.

अब क्योंकि केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन बिल लेकर आ चुकी है, तो इस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अपना रुख साफ़ कर दिया हैं, उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा हैं की, “संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ है,भारतीय संस्कृति के विपरीत भी है. अंबेडकर जी ने संविधान लिखते समय किसी को धर्म, जात के दृष्टिकोण से नहीं देखा था. भारत का इतिहास रहा है कि हमने सभी को अपनाया है- वासुदेव कुटुंबकम भारत की विशेषता है. धर्म के आधार पर पहले कभी ऐसा नहीं हुआ.”

इस बारे में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से भी बात करते हुए कहा है की, “कांग्रेस के साथ देश के कई राजनैतिक दल इस बिल का विरोध कर रहे हैं. देश के कई राज्यों, खासतौर पर उत्तर-पूर्व में आप स्थिति देखिए. बाबा साहब अंबेडकर ने संविधान में लिखा है कि किसी को जात-पात, धर्म की दृष्टि से नहीं देखा जाएगा. सभी को केवल भारत का नागरिक माना जाएगा.”

ऐसे में यह तो साफ़ हो गया है की, पाकिस्तान पर हुई एयर स्ट्राइक की तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया का रुख अपनी पार्टी से अलग नहीं हैं. इस बार खासकर इस बिल के विरोध में ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी पार्टी के साथ खड़े हैं.