Tuesday, September 27, 2022

“हिंदी बोलने वाले हमारे यहां पानीपुरी बेचते हैं!” बोलने वाले साउथ के मंत्री ने अब मारी पलटी!

तमिलनाडु: हिंदी को लेकर आए दिन कुछ न कुछ विवाद चलता ही रहता है। ख़ासकर दक्षिण भारत में लोग इस भाषा को अपनाने या फिर बोलने से कतराते हैं। क्षेत्रीय भाषा के समर्थन में वहाँ के लोग इतने तत्पर रहे हैं कि उन्होंने लम्बे अरसे से हिंदी भाषा का विरोध करना प्रारम्भ कर दिया। लगभग सभी वर्ग के लोग हिंदी भाषा को लेकर अपनी राय रखते हैं जो नकारात्मक ही होता है।इसी कड़ी में तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के. पोनमूडी तब विवादों में घिर गए जब उन्होंने अपने राज्य में हिंदी भाषा को लेकर कुतर्क दिया।

तमिलनाडु में पानीपुरी वाले सभी हिंदी भाषी हैं

उनका कहना था कि तमिलनाडु में जितने भी पानीपुरी वाले हैं वे सभी हिंदी भाषी हैं। उनके इस व्यक्तव्य का सीधा मतलब हिंदी का अपमान करना ही था। DMK पार्टी का ये मंत्री कोयम्बटूर के एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोल रहा था। अपनी बातों में मंत्री ने कहा की उनको बताया जाता था कि हिंदी जानने वालों को नौकरी मिल जाती है, लेकिन यहाँ देखो, जितने भी पानीपुरी वाले हैं वे सब हिंदी बोलते हैं।

हिंदी भाषी भारतीयों ने विरोध करना शुरू किया तो मामले ने तूल पकड़ लिया।

मामले को तूल पकड़ता देख मंत्री ने अपनी सफ़ाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी बातों का ग़लत मतलब निकाला गया। उनका उद्दयेश्य किसी भाषा का अपमान करना नहीं था। मंत्री की मानें तो वे सिर्फ़ इतना कह रहे थे कि उत्तर भारत के राज्यों में रोज़गार की कमी है इसलिए लोग दक्षिण भारत में आकर काम करते हैं। आप याद करें तो दक्षिणी भारत से अक्सर ये आवाज़ उठते रहती है कि हिंदी उनपे थोपी जा रही है। उधर के लोग, ख़ासकर राजनीति करने वाले लोग प्रखर होकर हिंदी के ख़िलाफ़ बोलते हैं।

अभिनेताओं के बीच ‘हिंदी भाषा थोपने’ को लेकर बहस

अभी हाल ही में देश के मशहूर अभिनेता अजय अजय देवगन और कन्नड़ अभिनेता किच्चा सुदीप के बीच ट्विटर पर काफ़ी खिंचा तानी हुई थी। इन दोनों अभिनेताओं के बीच ‘हिंदी भाषा थोपने’ को लेकर बहस छिड़ गयी थी। कन्नड़ अभिनेता ने कहा था, ‘हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा नहीं है’ इसके जवाब में अजय देवगन ने लिखा था -‘हिंदी हमारी मातृभाषा और राष्ट्रीय भाषा थी, है और हमेशा रहेगी।’

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