चीन एक नंबर का झूठा है, कम्युनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया के लिए खतरा है,सचेत हो जाएं: अमेरिका

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चीन और अमेरिका के बीच तनातनी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है! इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो (Foreign Minister Mike Pompeo) का कहना है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से दुनिया को वाकई में बड़ा खतरा है! उनका कहना है कि चीन की सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि वह अहम मौके पर भी सच नहीं बोलता! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और उनका प्रशासन चीन से रिश्तो को लेकर सही दिशा में अपने कदम उठा रहा है हम हर कीमत पर अमेरिकी लोगों की आजादी सुरक्षित और सुनिश्चित करेंगे!

साल 2015 में ही भांप लिया था चीन को

पोंपियो ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से वास्तविक खतरे को साल 2015 में ही भांप लिया था! यही वजह है कि सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं जिसकी पहली झलक आपसी व्यापार के मुद्दे पर दिखाई दी! उनका कहना है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हमारी ही बौद्धिक संपदा को चुराकर वापस हमी को बेच रही थी! इतना ही नहीं बल्कि उनका कहना है कि चीनी सरकार द्वारा पर प्रायोजित कंपनियां साइबर चोरी में लिप्त थीं और हमें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रही थी!

देखते हैं चीन क्या करता है?

अमेरिकी विदेश मंत्री का कहना है कि चीन की करतूतों से अमेरिका में नौकरियां खत्म हो रही थी क्योंकि बौद्धिक संपदा ही हमारे देश में रोजगार के अच्छे अवसर पैदा करती है! विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई है कि व्यापार के इस पहले चरण के समझौते को लेकर चीन अब अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेगा! हम देखते हैं कि चीन क्या करेगा? उनका कहना है कि अमेरिका की चीन के साथ काम करने की गुंजाइश तो खत्म नहीं हुई है हम चीनी जनता की भलाई भी चाहते हैं! लेकिन उसके लिए हम खुद अपने ही देश यानी अमेरिका की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को बलिदान नहीं कर सकते!

चीन कभी सच नहीं बोल पाता

करोना वायरस पर अमेरिकी विदेश मंत्री का कहना है कि यह वायरस चीन से फैलने वाला पहला वायरस नहीं है! चीनी शासन की सबसे बड़ी प्रॉब्लम तो यही है कि वह कभी सच नहीं बोल पाते! यह वायरस कैसे फैला? 6 महीने बाद भी वह इसकी जांच कराने को तैयार नहीं है! मंत्री का कहना है कि अमेरिका यह सूचित करना चाहता है कि अभी शताब्दी भी आधुनिक लोकतांत्रिक और स्वतंत्रता प्रेमी हो वहीं चीनी राष्ट्रपति दुनिया में एक देश प्रभुत्व वाला मॉडल कायम करना चाहते हैं!