Tuesday, September 27, 2022

अभी अभी: पहली बार मुस्लिमों ने किया ये बड़ा काम..

असम में मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा की सरकार काफी सक्रीय है। राज्य्भर में हो रही गलत गतिविधियों पर सरकार के तुरंत एक्शन लिए जाने वाले अंदाज़ ने सबको चौका दिया है। लोग हेमंत बिस्वा की तुलना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी करते है। अभी हाल में ही असम में सरकार के एक्शन के दर से पहले ही कुछ ऐसा हुआ की राज्य समेत देश भर में लोग हैरान है की आखिर ये हुआ तो हुआ कैसे।

Chief Minister's office in Assam will remain open 24 hours a day

पूरा मामला असम के गोआलपाड़ा का है। दरअसल गोआलपाड़ा जिले में स्थानीय लोगों ने ‘राष्ट्र-विरोधी और गलत गतिविधियों’ का हवाला देते हुए खुद ही एक मदरसे को तो ड़ दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मातिआ पुलिस थाने के पखिउरा चारो गांव में ये घटना हुई थी। कुछ दिन पहले ही इस मदरसे से जुड़े एक धर्मगुरु को कथित देश विरोधी गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले पिछले कुछ हफ्तों में राज्य सरकार के प्रशासन ने तीन मदरसों को गि राया है। ये इस कड़ी में चौथा मामला है, लेकिन इस बार प्रशासन नहीं, बल्कि स्थानीय व्यक्तियों ने ही मदरसे को तो ड़ दिया है।

The demolition of Markjul Ma-Arif Quariana Madrasa- India TV Hindi News

दरअसल इस मदरसे के एक शिक्षक को अलका यदा के साथ कथित संबंधों के इलज़ाम में गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके दो अन्य साथी फरार बताए जा रहे हैं। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि हमें मदरसे को ढ हाए जाने की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। मदरसा गि राए जाने को लेकर पुलिस ने बताया कि इसमें हमारा कोई योगदान नहीं है। एसपी वीवी राकेश रेड्डी ने कहा कि हमें इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी और न ही जिला प्रशासन इसमें शामिल था।

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दरअसल, सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा ने मदरसों को गि राने को लेकर अपना रुख साफ किया था। सीएम ने कहा था कि आतं की गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले ये मदरसे हमारे राज्य के भविष्य के लिए बड़ा खतरा हैं। इसके साथ ही सीएम ने लोगों से अपील भी की थी कि लोग अपने आसपास इस प्रकार से चल रहे प्रतिष्ठानों पर नजर बना कर रखें।

Dictators Will Be Rejected By People: Assam CM

माना जा रहा है कि गोलपारा में मदरसा गि राया जाना लोगों की जागरूकता का ही एक जीता जागता नमूना है, जहां इससे भड़के लोगों ने मदरसे को गिराने का खुद ही फैसला ले लिया। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि अधिकारियों को आ तंकियों की पहचान करने में मदद करें। उन्होंने स्थानियों से बाहरी लोगों पर नजर रखने के लिए कहा था, जो कि मस्जि दों में इमाम या मदरसों में शिक्षक के रूप में छिपे आ तंकवादी हो सकते हैं।

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