देखें वीडियो:- कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने “मेक इन इंडिया” को बताया “रेप इन इंडिया”

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कांग्रेस नेताओं की आदत पड़ चुकी है की, देश में मुद्दा कोई भी हो उसका सहारा लेकर यह लोग “मेक इन इंडिया” प्रोजेक्ट को टारगेट करने से नहीं चूकते. अब भी कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद में यह ब्यान दिया है की “मेक इन इंडिया”, “रेप इन इंडिया” बनता जा रहा हैं.

आपको बता दें की देश में बलात्कारों के मुद्दों को उठाते हुए अधीर रंजन चौधरी ने संसद में ब्यान दिया है की, “रोज 106 बलात्कार होते हैं 10 में से 4 माइनर होते हैं. 4 में से 1 को सजा मिलती है. पीएम का बयान क्यों नहीं आता है, भारत मेक इन इंडिया की दिशा में नहीं, ‘रेप इन इंडिया’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है. पीएम कुछ बोलते क्यों नहीं हैं.”

इससे पहले भी अधीर रंजन चौधरी ने देश के गृहमंत्री अमित शाह को 370 हटाने के मसले को लेकर कहा था की, जम्मू कश्मीर में हालात कैसे हैं? इस तंज़ पर अमित शाह ने पलट वार करते हुए कहा था की, “जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद ऐसा कहा जा रहा था कि वहां खून की नदियां बह जाएंगी, लोग मर जाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.”

अमित शाह ने कांग्रेस के सवालों पर कड़े प्रहार करते हुए कहा था की, “अनुच्छेद 370 हटने के बाद से कश्मीर में पुलिस की गोली से एक भी मौत नहीं होना कांग्रेस को असामान्य लगता है. जम्मू कश्मीर में निकाय चुनाव शांति से हुए, बच्चे परीक्षा दे रहे हैं ये क्या सामान्य हालात नहीं है. 99.5 प्रतिशत बच्चों ने परीक्षाएं दी. कांग्रेस केवल राजनीतिक गतिविधियों को ही सामान्य हालात मानती है?”

अमित शाह ने अपना ब्यान जारी रखते हुए कहा की, “जम्मू-कश्मीर तो नॉर्मल है. लेकिन हम कांग्रेस की स्थिति नॉर्मल नहीं कर सकते. 7 लाख से ज्यादा ओपीडी पेशेंट आए.पुलिस फायरिंग से मौत नहीं हई. ट्रैफिक सामान्य है, नॉर्मल नहीं, पॉलिटिकल एक्ट्विटी कब शुरु होगी यही इनकी नॉर्मल्सी की परिभाषा है. सारे पंचायत के चुनाव हुए हैं. सालों तक इनके शासन में नहीं हुए. शेख अब्दुल्ला को 11 साल जेल में रखा था. प्रशासन को फोन कर इंटरफेयर करने की कोशिश आप करते आए हैं. हमारी प्रथा नहीं है, जब प्रशासन को लगेगा तो जो लोग बंद है उनको भी छोड़ दिया जाएगा.”

आपको बता दें की कांग्रेस और उसके साथी दल जम्मू-कश्मीर में जाकर हालातों का जायज़ा नहीं लेना चाहते बल्कि वह वहां पर इंटरनेट सेवा चालु और अपनी रैलियां निकालना चाहते हैं. जिससे वहां के हालात नागरिकों के लिए अस्थिर और असामान्य हो जाएं. वहां पर इस वक़्त हालात केवल नेताओं और राजनितिक दलों के लिए असमान्य हैं न की आम जनता के लिए. आम जनता के सब सुख-सुविधाएँ मजूद हैं, इसके इलावा पोस्टपेड और ब्रॉडबैंड सर्विस भी चालु हैं. अगर प्रीपेड में आधार लिंक करने का कांग्रेस अपना अड़ंगा न लगाती तो शायद प्रीपेड सेवा भी शुरू होती.