‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ में हिंदुत्व मुर्दाबाद के नारे लगे और नागरिकता संसोधन बिली जलाई गई

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नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जमकर विरोध हुआ हैं. कुछ छात्रों ने इसका विरोध करते हुए इसे मुस्लिम विरोधी करार दिया. उनका कहना है की यह बिल भारत के संविधान के खिलाफ हैं.

इतना ही ही नहीं इस बिल को लेकर उन छात्रों का कहना हैं की यह बिल बाबा साहब डॉ आंबेडकर, गाँधी, नेहरू, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आज़ाद, राजगुरू, फूले, मौलाना आज़ाद, लाल बहादुर शास्त्री, सरदार पटेल आदि सबकी सोच के खिलाफ हैं.

इस बिल को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी लगाते हुए, मौलाना आजाद लाइब्रेरी से लेकर यूनिवर्सिटी सर्किल तक एक मार्च भी निकाला गया हैं.

हालाँकि यह मार्च अहिंसा वादी बिलकुल भी नहीं था, यहां हालात काबू से बाहर हो गए थे. जब पुलिस यहां पर पहुंची तो इन छात्रों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. इसी के चलते पुलिस ने थाना सिविल लाइंस पुलिस ने दो पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों सहित 20 नामजद और 700 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया.

मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा, “यह मशाल जलूस नागरिकता बिल के विरोध में निकाला गया है. हमारी अपील है कि राज्य सभा में सांसद इस बिल का समर्थन नहीं करें. सलमान ने कहा कि यह बिल केवल मुसलमानों के लिए ही नहीं बल्कि हिंदु समुदाय और हिंदुस्तानी संस्कृति के लिए भी खतरा है.”

वहीं एक और पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष फैजुल हसन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की, “अब उन मुसलमानों को जरूर सोचना चाहिए, जो इस बिल के खिलाफ बोलना तो छोड़िए, बल्कि जो लोग थोड़ी बहुत आवाज उठा रहे हैं, उनका मजाक बना रहे हैं. यह बिल आपकी (मुसलमानों की) शनाख्त तक को खत्म करने के लिए बनाया जा रहा है. आप इसको मजाक उड़ाकर उन सबका हौसला तोड़ रहे हैं, जो दूसरे मजहब के होकर खुलेआम हमारी लड़ाई लड़ रहे हैं. देश में शांति थी लेकिन भाजपा सरकार देश में गृह युद्ध कराना चाहती है.”

उन्होंने आगे कहा की, “अब आंदोलन करने का वक्त आ गया है.” इन सबके विपरीत मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष व राष्ट्रवादी नेता मोहम्मद आमिर रशीद ने इस बिल को लेकर अलग ही ब्यान मीडिया को दिया और उन्होंने कहा की, “दूसरे देशों से आए हुए मुस्लिम शरणार्थी हमारे देश में रहकर सबसे ज्यादा नुकसान देश के मुसलमानों का ही कर रहे थे. देश के मुसलमानों को बिल से डरने की जरूरत नहीं. देश का मुसलमान राष्ट्रवादी है. इसके साथ ही आमिर ने ओवैसी को सलाह देते हुए कहा कि दूसरे जिन्ना बनने की कोशिश न करें. जितना मुसलमान हमारे देश में सुरक्षित है उतना तो इस्लामिक मुल्कों में भी नहीं.”

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अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुए इस बिल के विरोध पर सामाजिक कार्यकर्ता विशाल देशभक्त मीडिया को ब्यान दिया हैं की, “यह सिर्फ अराजकता फैलाना चाहते हैं. एएमयू में जो मुस्लिम नागरिक संशोधन बिल का विरोध कर रहे है उन्हें सिर्फ देश मे अराजकता फैलाने से मतलब है क्योंकि इस बिल में मुसलमानों के हितों को कोई क्षति नहीं पहुँचाई गई है.”

दूसरी और सामाजिक कार्यकर्ता संदीप चाणक्य का कहना हैं की, “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहाँ अराजक तत्वों का जमावड़ा आम बात है. यह चिंता का विषय है. जहाँ एक ओर पूरे देश में नागरिकता संशोधन बिल के लोकसभा में पास होने पर हर्ष का माहौल है. वहीं एएमयू में मातम मनाया जा रहा है.”

एएमयू का प्रॉक्टर विभाग के एक अधिकारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया की, “हिंदुत्व विरोधी नारेबाजी से साबित हो गया कि देश विरोधी ताकतें पनप रही हैं. बिल के मुताबिक यहाँ रहने वाले किसी भी मूल नागरिक को इस बिल से कोई हानि नहीं है. उसके बाद भी इनका अनर्गल प्रलाप देश हित में नहीं है.”