धूर्त ड्रैगन को सबक सिखाने,1 साथ आए विश्व के 27 देश, चीन का बचना मुश्किल ही नही,नामुमकिन हुआ…

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27 countries have submitted petitions against China in the UNHRC
27 countries have submitted petitions against China in the UNHRC

27 countries have submitted petitions against China in the UNHRC: हाल ही में भारत सरकार ने 59 चाइनीस ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया! जिसके बाद अब दुनिया के 27 देशों में भी चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है! दुनिया के इन 27 देशों ने UNHRC मैं चीन के खिलाफ याचिका पेश की है! इस याचिका में व्यापक निगरानी, प्रतिबंध, मनमानी ढंग से नजरबंद और अन्य अल्पसंख्यकों पर चिंता व्यक्त की गई है! इस शिकायत में इन देशों ने मानव अधिकारों के उल्लंघन का हवाला देते हुए! हाल ही में पारित हुए होम को सुरक्षा कानून को उठाया है! कानून को चीन और हांगकांग के बीच एक भेज दो प्रणाली के खिलाफ बताया गया है!

27 countries have submitted petitions against China in the UNHRC-

27 देश जिन्होंने चीन के खिलाफ याचिका दायर की है! उनका नाम कुछ इस प्रकार है: ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बेलीज, कनाडा, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, आइसलैंड, जर्मनी, जापान, लातविया, लिकटेंस्टीन, लिथुआनिया, लक्समबर्ग, मार्शल आइलैंड्स, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड नॉर्वे, पलाऊ, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम!

इस याचिका में चीन से संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त को झिंजियांग और हांगकांग तक पहुंचने की अनुमति देने का आग्रह किया गया! जिसके चलते हैं वहां पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आने वाली अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा की जा सके!

यह निर्णय चीन पर भारत के प्रमुख राजनयिक और व्यापार दूतावास के बाद लिया गया है! भारत ने 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया! और बीजिंग को ‘डब्ल्यूटीओ मानदंडों का उल्लंघन’ कहा! इसके बाद, अमेरिका ने मंगलवार को दो चीनी कंपनियों – Hawaii टेक्नोलॉजीज और ZTE कॉर्पोरेशन को “राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों” के रूप में प्रतिबंधित कर दिया!

इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने एक कानून पारित किया है! जो जातीय अल्पसंख्यकों पर चीन को उसके कार्यों के लिए दंडित करेगा! जारी एक बयान में, व्हाइट हाउस ने कहा! कि ट्रम्प ने 2020 के उइगर मानवाधिकार नीति अधिनियम पर हस्ताक्षर किए! यह चीन में उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों की जातीय पहचान और धार्मिक विश्वासों को मिटाने के लिए शिविरों में जबरन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के लिए जवाबदेह है! चीन की हरकतों को देखते हुए अमेरिका ने हांगकांग के साथ रक्षा निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया!